Tuesday, 25 September 2018

वेद समस्त विश्व के आदिज्ञान स्रोत हैं

वेद समस्त विश्व के आदिज्ञान स्रोत हैं , एक उदाहरण,-

√स्तृ ---> स्तारः (प्रथमा, बहुवचन)  ----> स्टार 
                  |
                  |
             सितारा ---->स्टेयर्नो

(स्तृभिः (तारार्थक) = ऋग्वेद १।६८।५, १।८७।१,१।१६६।११)

।। जय श्री राम ।।

No comments:

Post a Comment

ज़ह्ळ को जालंधर कहने वालों का खंडन

देअ श्री श्री श्री खुडीज़ह्ळ जी को जालन्धर कहने वालों का भ्रमभंग -  भ्रम - प्रभु श्री ज़ह्ळ जी के मुख के सिर में चंद्रमा है तो इन्हें शिव अं...