Thursday, 10 January 2019

हवन समय पर ही होना चाहिए

गणितात् सिद्धितः कालः काले तिष्ठति देवताः। वरमेकाहुतिः काले अकाले कोटिसंख्यया।। कालातीते च यः कुर्यात् श्राद्धं होमं जपं तथा। व्यर्थं भवति तत् सर्वमपमृत्युं विषं तथा।।
कालातिक्रमदोषे तु राक्षसस्तस्य देवता। अशुचिर्यत्र होमेऽपि पिशाचस्तस्य देवता।तस्मात् काले शुचिर्द्रव्ये होतव्यं नान्यथा क्वचित्।।

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