जाति जन्म से होती है कि कर्म से ?
ये प्रश्न ऐसा ही है जैसे -
आम का पेड़ अपने फल से पहचाना जाता है कि बीज से ?
।। जय श्री राम ।। ़
देऊआ खुडीजहळा रे शळऊणा होर छैऊणे रा बच़ार लिखिते - देऊआ रे सोबे तीह-थैर देऊआ री रेखा अंद्र करणे। ज़े तिथि, नछत्रा होर धैळे मंझ किछ ब्रोध हो...
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