Monday, 9 April 2018

गांऐ अवध्य है

सिद्धान्त हमने कह दिया है।  इसके उपरान्त भी आपको  सन्देह है , अतः आप इस विषय पर विचार करें -

अघ्न्या इति गवां नाम क एता हन्तुमर्हति ।
महच्चकाराकुशलं वृषं गां वाssलभेत् तु यः ।।

गौओं को अघ्न्या (अवध्य) वेद में कहा गया है,फिर कौन उन्हें मारने का विचार करेगा? जो पुरुष गाय और बैलों को मारता है, वह महान पाप करता है।

No comments:

Post a Comment

33 करोड़ देवता निर्णय

#तैंतीस_करोड़_देवता_कोटि_नहीं_हैं_  वास्तव में वैदिक दर्शन में "अनन्ता वै वेदा:" प्रमाण से "मंत्र ब्राह्मणयोर्वेद नामधेयम्...