Sunday, 22 April 2018

भक्ति की परिभाषा

मोक्षकारणसामग्र्यां भक्तिरेव गरीयसी।
स्वस्वरूपानुसन्धानं भक्तिरित्यभिधीयते॥
स्वात्मतत्त्वानुसन्धानं भक्तिरित्यपरे जगुः।

-श्री आद्य शंकराचार्य ।

No comments:

Post a Comment

33 करोड़ देवता निर्णय

#तैंतीस_करोड़_देवता_कोटि_नहीं_हैं_  वास्तव में वैदिक दर्शन में "अनन्ता वै वेदा:" प्रमाण से "मंत्र ब्राह्मणयोर्वेद नामधेयम्...