भगवान के अवतार असंख्य है , उनके
अवतारो की गिनती न
हो सकती है और न होगी ,अग्नि पुराण
कहता है कि ,
" अवतारा असंख्याता अतीतानागदादयः "
(अ.पु.16/12)
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