Friday, 24 November 2017

भेदवादियों की चिकित्सा

#भेदवादियों_के_अज्ञान_की_चिकित्सा -

#आक्षेप - जीव का बन्धन प्रत्यक्ष सिद्ध है , इसलिये जीव को  नित्यमुक्त  ब्रह्म नहीं माना जा सकता ।

#समाधान -प्रत्यक्ष होने के कारण  ही  बन्धन की सत्यता नहीं बतलाई जा सकती , प्रत्यक्षता  तो सत्य और असत्य दोनों ही प्रकार की वस्तुओं में समान रूप से देखी जाती है । ☝️

शास्त्रविधि और कारणदृष्टि  के बल पर जीव के  बन्धन की सत्यता का बाध  हो जाता है ।  इस तथ्य के सन्दर्भ में अनगिनत  श्रुतियॉ  प्रमाण हैं ।

।। जय श्री  राम ।।

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